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पंढरपुर के विठ्ठल मंदिर में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार 

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उन्मेष गुजराथी
स्प्राउट्स एक्सक्लूसिव

महाराष्ट्र के पंढरपुर (Pandharpur) स्थित विठ्ठल मंदिर प्रबंधन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि मंदिर में सोने से भरी बोरियों में नकली सोना मिला है. लेकिन अधिकारियों की यह जानकारी संदिग्ध है. इससे पहले भी पूर्व अधिकारी करोड़ों रुपये का गबन कर चुके हैं. स्प्राउट्स (Sprouts) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को यह सनसनीखेज जानकारी मिली है कि इस मामले में भी नये अधिकारीयों ने करोड़ों रुपये का महाभ्रष्टाचार किया है, इतना ही नहीं इस भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए निर्दोष श्रद्धालुओं को आरोपी के कठघरे (dock of the accused) में खड़ा कर दिया है.

मंदिर प्रशासन ने बहुत ही गलत और भ्रामक सूचना दी है कि श्रीक्षेत्र पंढरपुर (Shrikshetra Pandharpur) स्थित मंदिर में कुछ भक्त जानबूझकर नकली आभूषण दान पेटियों (donation boxes) में डाल रहे हैं. यह कहकर, वे इस मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसी संभावना है कि मंदिर में ही किसी ने असली गहने चुरा लिए हों और उनके स्थान पर नकली गहने रख दिए हों.

मंदिर प्रशासन द्वारा किया गया कदाचार:

·         दान पेटी में जमा धन को दो महीने तक बैंक में जमा न करके एक थैले में रखना.

·         खाता वहियों और रसीद बुक्स के उपयोग के रिकॉर्ड को बनाए रखने में विफलता.

·         पशुओं के चारे पर सालाना लाखों रुपए खर्च करना; लेकिन दुग्ध उत्पादन से होने वाली आय न दर्शाना.

·         मंदिर के गोधन को कसाइयों को बेचना.

·         48 लाख रुपये से अधिक के व्यय का ऑडिटर द्वारा ऑडिट न कराना.

·         महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (Maharashtra Tourism Development Corporation) के भवन को पट्टे पर लेना; लेकिन इस भवन का अपेक्षित उपयोग नहीं होने से मंदिर को 2000 से 2010 की अवधि में 47 लाख 97 हजार 716 रुपये का नुकसान होना.

पंढरपुर में विट्ठल भगवान का प्रसिद्ध मंदिर है. इस मंदिर के कारण पंढरपुर को ‘दक्षिण की काशी’ (Kashi of South) माना जाता है. हर साल लगभग लाखों श्रद्धालु और वैष्णव विठ्ठल मंदिर में विठोबा भगवान के दर्शन करने आते हैं. इनमें से कई श्रद्धालु हर साल बड़ी श्रद्धा के साथ सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलते हैं. मंदिर प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा इन श्रद्धालुओं पर लगाए गए आरोप बेहद निंदनीय हैं. इससे श्रद्धालुओं में आक्रोश की लहर है. हिन्दू जनजागृति समिति (Hindu Janajagruti Samiti) ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है.

 “श्रद्धालुओं द्वारा विठ्ठल भगवान को चढ़ाने के लिए लाए गए आभूषण प्रशासन द्वारा काउंटर पर जमा कराए जाने चाहिए. इन गहनों के सोने के सत्यापन के लिए एक पूर्णकालिक मूल्यांकक नियुक्त किया जाना चाहिए. इससे सोने की तुरंत जांच हो सकेगी. उसके बाद विधिवत रूप से इसकी पावती दी जानी चाहिए. इससे भक्तों की ठगी और मंदिर में भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी.”

– सुनील घनवट,

राज्य संयोजक, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़,

हिन्दू जनजागृति समिति

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