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गुजरात में ड्रग्स तस्करी का मास्टरमाइंड कौन ?

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उन्मेष गुजराथी
स्प्राउट्स एक्सक्लूसिव

भारत के गुजरात राज्य में ओखा नामक एक बंदरगाह है. यह बंदरगाह द्वारका जिले के अंतर्गत आता है, जिसे देवभूमि के रूप में पवित्र माना गया है. भगवान श्रीकृष्ण के समय में द्वारिका दूध के लिए प्रसिद्ध थी. लेकिन वर्तमान में द्वारका के ओखा बंदरगाह के जरिये मादक पदार्थों की तस्करी का प्रयास किया जा रहा है. यह तथ्य डराने वाला है.

सोमवार को भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने संयुक्त अभियान चलाया. एक पाकिस्तानी नाव को रोका गया और 300 करोड़ रुपये का ड्रग्स जब्त किया गया. इस मामले में 10 पाकिस्तानी ड्रग माफियाओं  को गिरफ्तार किया गया था. उनकी तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान हथियार, गोला-बारूद और करीब 40 किग्रा  ड्रग्स बरामद किया गया है. यह पहला मौका है जब समुद्री सीमा पर हथियारों का जखीरा जब्त किया गया है.

भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों गुजरात से हैं. उनके कार्यकाल में गुजरात में नशे की जमाखोरी काफी बढ़ी है. दरअसल, इससे पहले भी कई बार गुजरात में ड्रग्स बरामद हो चुका है. मुंद्रा पोर्ट के मालिक गौतम अडानी हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी का करीबी माना जाता है. इस बंदरगाह से 13 सितंबर, 2021 को 52 किग्रा  कोकीन जब्त किया गया था.

इस कोकीन की कीमत 20 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक है. उसके बाद मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी गई थी. तद्नुसार, सरकार ने यह भी घोषणा की थी कि इस बंदरगाह से ईरान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से कोई यातायात नहीं होगा. लेकिन इस बीच इस बंदरगाह से 500 करोड़ रुपये मूल्य का 52 किग्रा  कोकीन जब्त किया गया है.

  “गुजरात ड्रग्स का प्रवेश द्वार बन गया है. बिना राजनीतिक संरक्षण के कोई भी ड्रग तस्करी नहीं हो सकती. यह एक बड़े वैश्विक सिंडिकेट का हिस्सा है. इसकी पूरी जांच होनी चाहिए.” – पवन खेड़ा, प्रवक्ता, कांग्रेस


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